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महाकाल को 70 लाख के चांदी के आभूषण दान: गुजरात के श्रद्धालु ने 29 किलो रजत श्रृंगार अर्पित किया; दान में पगड़ी, मुकुट, मुण्डमाला समेत कई रजत सामग्री शामिल
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में एक बार फिर आस्था और श्रद्धा का अनूठा उदाहरण देखने को मिला, जब गुजरात से आए एक भक्त ने बाबा महाकाल के चरणों में चांदी के बहुमूल्य आभूषण अर्पित किए। अहमदाबाद निवासी महेश भाई भगवानदास ठाकुर अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से दर्शन करने के बाद यह भेंट मंदिर प्रबंधन को सौंपी।
दान में शामिल रजत सामग्री की मात्रा और विविधता दोनों ही खास हैं। लगभग 29 किलो से अधिक वजनी इन आभूषणों में चांदी की पगड़ी, विभिन्न प्रकार के मुकुट—जिनमें गंगाजली युक्त, नागफन जड़ित, सूर्यकिरण और चंद्रमा युक्त मुकुट शामिल हैं—के साथ मुण्डमाला, कुंडल, त्रिपुण्ड, रुद्राक्ष माला, चंवर, नेत्र, डमरू-घंटी, धूप पात्र और अन्य श्रृंगार सामग्री भी दी गई। यह संपूर्ण रजत श्रृंगार भगवान महाकाल के विभिन्न अलंकरणों में उपयोग में लाया जाएगा।
मंदिर के सहायक प्रशासक एस.एन. सोनी के अनुसार, इन आभूषणों का कुल वजन जड़ित सामग्री सहित करीब 29 किलो 941 ग्राम है। अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 70 लाख रुपए आंका गया है, हालांकि चांदी की शुद्धता की आधिकारिक जांच के बाद ही इसकी अंतिम कीमत तय की जाएगी।
मंदिर प्रबंध समिति ने इस भेंट को स्वीकार करते हुए दानदाता का सम्मान भी किया। इस अवसर पर मंदिर प्रशासन ने कहा कि इस तरह की श्रद्धा भाव से की गई भेंटें न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाती हैं, बल्कि महाकाल के प्रति भक्तों के गहरे जुड़ाव को भी सामने लाती हैं।